उरई, नवम्बर 5 -- Orai News: उरई। दीपोत्सव पर उरई में दीपों की अनूठी दुनिया सजी, जहां सैकड़ों दुर्लभ और कलात्मक दीपों ने लोगों का ध्यान खींचा। इंटक, संस्कार भारती और भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में 150 साल पुराना लकड़ी का मयूर दीपक आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनी में देश-विदेश के पारंपरिक दीप और लैंप भी प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. हरीमोहन पुरवार ने बताया दीपों का इतिहास 5000 वर्ष पुराना है। हड़प्पा सभ्यता में टेराकोटा दीप मिले हैं। प्रदर्शनी में पीतल के स्वास्तिक, ओम आकार, पक्षी, ऊंट, हाथी आकार के लटकने वाले दीप प्रदर्शित किए गए। डेढ़ सौ साल पुराना लकड़ी का मयूर आकार का दीप आकर्षण का केंद्र रहा। यह भी पढ़ें- Orai News: वृद्धाश्रम में स्नेह और अपनत्व के साथ मना दीपोत्सव इसके अलावा सीप, शंख, टेराकोटा, तांबा, मार्...