नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- ​प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक और आर्थिक पिछड़ेपन का आकलन करने के लिए गठित आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने डेटा जुटाने की प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त करते हुए आयोग को आगरा जिले से जुड़े कामकाज का पूरा ब्योरा सीलबंद लिफाफे में 14 अक्तूबर तक पेश करने का निर्देश दिया है। ​यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल दशरथ यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। ​पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल याचिका पर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को ​सुनवाई के दौरान आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 40 जिलों में लगभग 60 फीसदी डेटा जुटाने का काम पूरा हो चुका है और शेष जिलों का काम भी जल्द पूरा कर ल...