नई दिल्ली, जून 19 -- भारत के सबसे बड़े आईपीओ बनने जा रहे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 30,000 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू में जहां SBI, सरकारी बीमा कंपनियां और कई विदेशी निवेशक अपने शेयर बेचकर भारी मुनाफा कमाने की तैयारी में हैं, वहीं देश के कुछ दिग्गज निवेशकों ने एक भी शेयर बेचने का फैसला नहीं किया है। सबसे बड़ा नाम डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी का है। द इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक दमानी के पास NSE के 3.90 करोड़ से अधिक शेयर हैं, जो कंपनी में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं। अनलिस्टेड मार्केट में NSE के लास्ट ट्र्रेडिंग प्राइस 2,055 रुपये प्रति शेयर के आधार पर उनकी हिस्सेदारी की कीमत करीब 8,032 करोड़ रुपये बैठती है। इसके बावजूद उन्होंने IPO में एक भी शेयर बेचने का फैसला नहीं किया है।सनिल कांत मुंजाल और क्रिस गोपालकृष्णन भी होल्ड पर...