नई दिल्ली, मार्च 14 -- केंद्र सरकार ने शनिवार को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि यह निर्णय लद्दाख में शांति, स्थिरता और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। गौरतलब है कि वांगचुक को पिछले साल 24 सितंबर को लेह में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने के बाद 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। श्री वांगचुक उक्त अधिनियम के अंतर्गत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून अधिनियम की धारा के तहत किसी व्यक्ति को हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि 12 महीने हो सकती है। सरकार यदि चाह...
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