नोएडा, सितम्बर 24 -- Noida News: ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। ग्रेनो वेस्ट के सैनी सुनुपरा स्थित इच्छापूर्ति धाम में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के छठे दिन गुरुवार को श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। कथावाचक शिवाकांत ने कहा कि माता रुक्मणी ने भगवान श्रीकृष्ण को हृदय से पति के रूप में स्वीकार कर लिया था और पूर्ण विश्वास के साथ उनका इंतजार किया। उनकी निष्कलंक भक्ति देखकर स्वयं श्रीकृष्ण उन्हें लेने पहुंचे। रुक्मणी मंगल सिर्फ विवाह की कथा नहीं, सच्चे प्रेम, अटूट विश्वास और समर्पण का संदेश है। जब भक्त का मन निर्मल हो तो प्रभु उसकी पुकार अवश्य सुनते हैं। आज के समय में मनुष्य को भागवत कथा से प्रेम, मर्यादा और त्याग की प्रेरणा लेनी चाहिए। रुक्मणी विवाह प्रसंग के दौरान फूलों की वर्षा हुई।

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