कार्यालय संवाददाता, जुलाई 1 -- मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक करने वाले हिमांशु चौरसिया ने 11 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी ठुकराकर उद्यमिता का रास्ता चुना। खुद की कंपनी बनाई, उनके स्टार्टअप का कारोबार करोड़ों में पहुंच गया है। शिक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने वाले उनके स्टार्टअप ने एक वर्ष में लगभग 24 करोड़ रुपये का कारोबार कर नई पहचान बनाई है। बकौल हिमांशु बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने स्टार्टअप पर काम शुरू कर दिया था। नौकरी करने के बजाय उन्होंने शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को अवसर में बदलने का निर्णय लिया। इसी सोच के साथ शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एक मंच विकसित किया, जिसे नाम दिया मेधा एआई। बताया कि उनकी कंपनी में वर्तमान में 22 नियमि...