नई दिल्ली, मई 22 -- हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद खास मानी जाती है। लेकिन ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाली निर्जला एकादशी का महत्व सबसे अलग बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से रखने पर सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है। गर्मी के मौसम में पड़ने की वजह से इसे कठिन व्रत माना जाता है। इस दिन कई श्रद्धालु बिना पानी पिए व्रत रखते हैं। यही कारण है कि इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है।कब है निर्जला एकादशी 2026? पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 25 जून की रात 8 बजकर 09 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।पारण का शुभ समय व्रत का पारण 26 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। पारण ...