नई दिल्ली, जून 6 -- हिन्दू धर्म में विशेष महत्व वाले निर्जला एकादशी का व्रत आगामी 06 जून को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी को लेकर लोगों में असमजंस की स्थित है। दशमी के बाद एकादशी का पर्व मनाया जाता है। काफी लोग इस बात को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को एकादशी का पर्व मना रहे हैं। शनिवार को उदयाकाल से एकाशी है। हिन्दू पंचाग के अनुसार, वृषभ और मिथुन संक्रांति के बीच ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी कहलाती है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 06 जून शुक्रवार को रात 02 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगी। द्वादशी में एकादशी का पर्व मनाने से धन लक्ष्मी के साथ भक्ति की प्राप्ति होती है।इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और कथा सुनना चाहिए। इसके साथ ही इस तिथि पर रात में जागरण करना भी शुभ माना जाता है। द्वादशी के दिन सूर्य...
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