नई दिल्ली, मई 14 -- पटना से लेकर बिहार के कई जिलों तक हर साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले हजारों छात्र कोटा का रुख करते हैं। यह शहर देश में कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बिहार से करीब 60 हजार छात्र हर साल सिर्फ नीट की तैयारी के लिए कोटा पहुंचते हैं। यहां बेहतर कोचिंग, टेस्ट सिस्टम और प्रतिस्पर्धी माहौल इसे छात्रों के लिए आकर्षक बनाता है, लेकिन इसके साथ ही खर्च भी लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों और कोचिंग सेक्टर के आंकड़ों के मुताबिक कोटा में एक छात्र पर औसतन लगभग सात लाख रुपये सालाना खर्च होता है। इस खर्च में कोचिंग फीस, रहने की व्यवस्था, भोजन, अध्ययन सामग्री और अन्य जरूरी खर्च शामिल होते हैं। लगातार बढ़ती महंगाई ने इस बोझ को और भी भारी बना दिया है।कोचिंग फीस से शुरू होता बड़ा खर्च कोटा में प्रतिष...