नई दिल्ली, अगस्त 6 -- एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का ख्वाब लिए हर साल करीब 21-22 लाख विद्यार्थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी देते हैं। लेकिन देश में सिर्फ 1.35 लाख एमबीबीएस सीटें होने के चलते ज्यादातर के सपने चकनाचूर हो जाते हैं। बहुत से तो दो या तीन बार ड्रॉप ईयर लेकर नीट देते हैं लेकिन फिर भी उनका एमबीबीएस सीट पाने का सपना साकार नहीं हो पाता। और वे आखिरकार हिम्मत हार जाते हैं और कोई दूसरा आसान रास्ता चुन लेते हैं। लेकिन यहां हम आपको ऐसे छात्र की कहानी बताने जा रहे हैं जो इस चुनौतिपूर्ण राह पर बार बार गिरा लेकिन फिर उठ खड़ा हुआ और आखिरकार उसने अपनी मंजिल पा ली। बिहार के पटना के रहने वाले सौरव सिंह ने एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं बल्कि छह अटेम्प्ट दिए। पांच बार असफल रहने के बाद उसने छठे प्रयास में शानदार अंक लाकर एमबीबीएस सीट हासिल कर लिया। आ...