नई दिल्ली, जुलाई 11 -- बेटे या बेटी को सेना में अफसर बनाना हर किसी की सपना होता है। उसपर भी 'नेशनल डिफेंस अकैडमी' के लिए चयनित होना आसान नहीं होता। यहां 17-18 साल के कैडेट्स को ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है कि वे सेना के बड़े पदों पर रहकर देश की सेवा करने के योग्य बन जाएं। कानपुर के रहने वाले अभिनव बाजपेयी के माता-पिता ने भी ऐसे ही सपने संयोगे होंगे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। एनडीए खड़गवासला में फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान अभिनव अचानक बेहोश हो गया और फिर उसकी जान चली गई। पिछले साल अक्टूबर से लेकर अब तक एनडीए में तीन कैडेट्स की जान जा चुकी है।कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश रिपोर्ट के मुताबिक पीटी सेशन के दौरान अभिनव वाजपेयी को कुछ असहज महसूस हुआ और इसके बाद वह बेहोश हो गए। नए बैच की यह पहली पीटी परेड थी। एनडीए के बयान के मुताबिक अभिनव को तुरं...