नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- आज से करीब 27 साल पहले मई 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर शरद पवार ने पीए संगमा और तारिक अनवर के साथ मिलकर कांग्रेस में बगावत कर दी थी। इसके बाद इन तीनों नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके विरोध में शरद पवार ने कांग्रेस को तोड़ते हुए जून 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का गठन किया था लेकिन 27 साल बाद अब उन्हीं शरद पवार के पोते फिर से कांग्रेस की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ महीनों से NCP के दोनों धड़ों के विलय और NDA में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन फिलहाल दोनों धड़ों का नेतृत्व कर रहीं भाभी और ननद (सुनेत्रा पवार और सुप्रिया सुले) ने इसे अभी तक अंजाम तक नहीं पहुंचाया है। इस बीच, इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि ...