नवादा, अक्टूबर 10 -- कौआकोल के मां कामाख्या मंदिर की परंपराएं Nawada News: कौआकोल में स्थित मां कामाख्या देवी का मंदिर क्षेत्र में तंत्र-मंत्र की साधना और अनूठी धार्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। यहां शारदीय नवरात्र के दौरान माता कामाख्या की पूजा पूरी तरह तांत्रिक एवं बंगाली पद्धति से की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता के दरबार में माथा टेकने वाले किसी भी भक्त की झोली खाली नहीं रहती। यही कारण है कि नवरात्र के दिनों में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर यहां पहुंचते हैं। स्थान-विशेष में माता कामाख्या की स्थापना का इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि उस समय के क्षेत्रीय जमींदार लोकनाथ सिंह और उनके परिवार की सरस्वती कुंवर एवं झालो कुंवर ने असम स्थि...