नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- मां दुर्गा जी की तीसरी शक्ति का नाम है मां दुर्गा। नवरात्र के तीसरे दिन इन्हीं के श्रीविग्रह का पूजन होता है। इनके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहकर पुकारा जाता है। मां चंद्रघंटा का रंग सोने के समान है। वहीं इनके हाथों में खड़ग और अस्त्र हैं। मां चंद्रघंटा की मुद्रा ऐसी है कि सभी शस्त्र लिए सिंह पर सवार होकर माता युद्ध के लिए जा रही हों। इनके घंटे की गूंज से सभी राक्षस छिप जाते हैं। मां का रूप ही ऐसा और इनकी उपस्थिति में ऐसा तेज है। कहा जाता है कि तीसरे दिन साधक का मन मणिपूर चक्र में प्रविष्ट होता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से उसे अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। ऐसी चीजें जिन्हें हमारा मन कभी नहीं देख पाता और ऐसी चीजें जिन्हें हम कभी सूंघ नहीं पाते हैं, ऐसी दिव्य सुगन्धियों का अनुभव होता ह...