नैनीताल, अक्टूबर 30 -- Nainital News: नैनीताल, संवाददाता। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत राज्य सूचना आयोग में होने वाली कार्यवाही में वकील या अधिकृत प्रतिनिधि को वर्चुअल अथवा हाइब्रिड मोड से पेश होने का अधिकार देने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने कहा कि सूचना आयोग की कार्यवाही को सरल, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि कानूनी जटिलताओं को कम किया जा सके। इसमें कानूनी रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति की सेवाएं अनिवार्य नहीं हैं। ऐसे में वकील या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से वर्चुअल पेशी का कोई निहित अधिकार नहीं बनता। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता राजेश पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सूचना आयोग के एक आदेश को चुनौती दी थी।...