मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 12 -- Muzaffarpur News: बंदरा, एक संवाददाता। हत्था थाने के पटसारा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को ओमप्रकाश शास्त्री महाराज ने पुरुषार्थवादी और समर्पणवादी जीवन पर प्रकाश डाला। अर्जुन समर्पण वादी जीवन का नेतृत्व कर रहा है और दुर्योधन पुरुषार्थवादी जीवन का नेतृत्व कर रहा है। जीवन में हमें भी अर्जुन की तरह समर्पणवादी जीवन ही जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन रहते ही भगवान का भजन और भागवत सुनना चाहिए। भगवान को निवेदित कर अगर कोई भी कार्य करते हैं तो उस कार्य की सफलता भगवान के हाथों में होती है। महाभारत के बाद शुकदेव की शृंगी ऋषि द्वारा श्राप लगने और श्राप से मुक्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा लेकर भगवान श्रीशुकदेव को प्रादुर्भाव की कथा कही। यह भी पढ़ें- Buxar News: भा...