मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 15 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, वसं। अंतरराष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि विदेशों में वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार जरूरी है। भारतीय मूल के लोग विदेशों में रहकर भी अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहना चाहते हैं। इसके लिए विद्वान संन्यासियों को निस्वार्थ भाव से प्रयास करना चाहिए। वे 14 अक्तूबर की शाम आर्य समाज, जवाहरलाल रोड में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने हाल में यूरोप के चार देशों की यात्रा का अनुभव साझा किया। कहा कि सुख का मूल धर्म है और ब्रह्मचर्य महान तप है। कार्यक्रम में आर्य समाज के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश अग्रवाल का 75वां जन्मदिवस अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। यह भी पढ़ें- Rishikesh News: आध्यात्मिक चेतना की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती:स्वामी सच्चिदानंद महारा...