मुजफ्फरपुर, सितम्बर 7 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गन्नीपुर स्थित मां वैष्णो माता मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने महारास प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास जीवात्मा और परमात्मा के बीच निष्काम प्रेम का दिव्य प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण ने महारास के माध्यम से संदेश दिया कि जब प्रेम में स्वार्थ समाप्त हो जाए और मन पूरी तरह प्रभु को समर्पित हो जाए तब वही प्रेम भक्ति का स्वरूप धारण कर लेता है। उन्होंने कहा कि गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम पाने का नहीं, बल्कि स्वयं को प्रभु के चरणों में समर्पित करने का था। आज मनुष्य संसार में सच्चा प्रेम खोज रहा है, जबकि वास्तविक प्रेम भगवान के चरणों में मिलता है। महारास का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार, ईर्ष्या और स्व...