मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 25 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बच्चों को अपने ही संस्थान ने नहीं पहचाना। इस वजह से 50 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति अटक गई है। मामला नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप का है, जिसके बच्चे मेधा दिखाने के बाद भी अपने स्कूलों की लापरवाही का खामियााजा भुगत रहे हैं। इससे वर्ष 2023 से 25 की परीक्षा में नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप पात्र बच्चे परेशान हैं।

छात्रवृत्ति नवीनीकरण में सत्यापन की स्थिति स्कूल बदलने के बाद आधे से अधिक बच्चों को पुराने संस्थान ने नहीं पहचाना है। सूबे के 12 हजार से अधिक बच्चों को एक साल स्कॉलरशिप का लाभ मिला। इसके बाद इन्हें आगे हर साल नवीनीकरण कराना है। 12 में 11 हजार छात्र-छात्राओं ने नवीनीकरण के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन इनमें पांच हजार बच्चों का ही सत्यापन संस्थान और अधिकारियों के स...