मुजफ्फरपुर, सितम्बर 5 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पद्मश्री डॉ. श्यामनंद किशोर हिन्दी साहित्य के विलक्षण कवि थे, जिन्होंने अपनी कविता और गीतों के जरिए हर दिल में जगह बनाई। डॉ. अनामिका में संस्कार और साहित्य की विरासत वहीं से आई है। ये बातें शनिवार को मझौलिया स्थित एक होटल में डॉ. किशोर की जयंती पर उनकी पुत्री डॉ. अनामिका, पुत्र डॉ. अमिताभ, डॉ. मलय नीरव की ओर से आयोजित स्मृति सभा में डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहीं।

स्मृति सभा का आयोजन डॉ. अनामिका ने कहा कि पिता ही नहीं, गुरु के तौर पर भी उन्होंने संवारा है। उनके गीतों में प्रेम, करुणा और सौन्दर्य का प्रवाह है, दार्शनिकता भी है। डॉ. संजय पंकज ने कहा कि डॉ. किशोर एक छात्र प्रिय शिक्षक, लोकप्रिय सुकंठ गीतकार और उत्तर छायावाद के महत्वपूर्ण कवि हुए। उनके गीतों में प्रेम और...