मुजफ्फरपुर, सितम्बर 29 -- Muzaffarpur News: पारू, हिन्दुस्तान संवाददाता। कमलपुरा गांव स्थित बाबा कमलधरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार को परशुराम सनातन संघ की ओर से आचार्यों की महा बैठक हुई। इसमें जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत की तिथियों को लेकर संशय दूर किया गया। आचार्यों ने चार अक्तूबर को निर्जला व्रत रखने की घोषणा की। आचार्यों ने कहा कि सनातन धर्म में माताओं द्वारा अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले अत्यंत कठिन जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत की तिथियों को लेकर संशय अब पूरी तरह दूर हो गया है। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुटे प्रकांड पंडितों और आचार्यों ने पंचांग व शास्त्रों के नियमों पर विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से व्रत की शास्त्र सम्मत तिथियों की घोषणा की। यह भी पढ़ें- जितिया व्रत 2026 किस दिन है, ...