मुजफ्फरपुर, अगस्त 2 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे के स्कूलों में खोले गए अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद बच्चों का कोई नवाचार सामने नहीं आ रहा। अब तक इनमें कक्षाएं भी शुरू नहीं हो सकी हैं। यह हाल तब है जब प्रत्येक एटीएल को नवाचार संबंधी उपकरण खरीदने के लिए 20-20 लाख रुपये मिले हैं। इसकी शिकायत के बाद सरकार ने सूबे की 83 एटीएल की जांच शुरू कराई है।

अटल टिंकरिंग लैब की स्थिति पांच से सात साल पहले बनी एटीएल में से कई ऐसी हैं जहां एक साल में एक भी नवाचार संबंधी कक्षा नहीं हुई। अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना बच्चों को नवाचार से जोड़ने को लेकर हुई थी। हर महीने एटीएल के बच्चों के नवाचार को लेकर नीति आयोग की तरफ से प्रतियोगिता कराई जाती है। मुजफ्फरपुर में दस स्कूलों का चयन एटीएल के लिए हुआ था। इसमें ...