मुजफ्फरपुर, अगस्त 30 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सबसे खतरनाक होता है, मुर्दा शांति से भर जाना। न होना तड़प का, सब सहन कर जाना....कविता की इन पंक्तियों से बच्चे वर्तमान व्यवस्था पर चोट कर रहे थे तो अपने चित्रांकन और कहानी के माध्यम से साहित्य से खुद को जोड़ भी रहे थे। मौका था रविवार को स्थानीय जिला स्कूल में प्रेमचंद जयंती समारोह समिति की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का, जिसमें भाग लेने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के प्रतिभागी पहुंचे थे।

प्रतियोगिता की विधाएँ प्रतिभागी छात्रों ने काव्य पाठ एवं गीत के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियों में महादेवी वर्मा, दुष्यंत कुमार, गोपाल दास नीरज, नागार्जुन, फैज अहमद फैज, डॉ. शांति सुमन, बी. प्रशांत आदि की रचनाओं को सुनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतिभागियों ने अभिभाषण, ...