मुजफ्फरपुर, जुलाई 12 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता सर्पदंश और डूबने जैसी आकस्मिक मौतों में सरकारी मुआवजा पाने के लिए पीड़ितों को महीनों भटकना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह सीओ कार्यालय से समय पर और पूरी रिपोर्ट का नहीं भेजना है। आधी-अधूरी रिपोर्ट के कारण मुआवजा स्वीकृति में लटक जाता है। इस कारण पीड़ितों को दलालों की शरण में जाना पड़ता है। यह भी पढ़ें- Muzaffarpur News: छिन गया घर का लाल, मुआवजा दिलाने को सौदा कर रहे दलालमुआवजा प्रक्रिया में परेशानी जिले में हर साल सर्पदंश और नदी-तालाब में डूबने से कई मौतें होती हैं। नियम के अनुसार ऐसी घटनाओं में मृतक के परिजनों को सरकारी मुआवजा मिलनी चाहिए। इसके लिए सीओ को घटना की जांच कर पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजनी होती है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में सीओ या तो जांच में देरी करते...