मुजफ्फर नगर, सितम्बर 30 -- Muzaffarnagar News: बुढ़ाना। गांव लुहसाना के सीताराम मंदिर में चल रही श्रीमद् देवीभागवत कथा के सप्तम दिवस आचार्य अभिषेक शुक्ल ने पुरुषार्थ और प्रारब्ध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में पुरुषार्थ को क्षेत्र और प्रारब्ध को बीज कहा गया है। क्षेत्र और बीज के संयोग से ही फसल समृद्ध होती है। इसी प्रकार जीवन में सफलता के लिए पुरुषार्थ के साथ प्रारब्ध भी आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रबल पुरुषार्थ करने, भगवान से प्रार्थना करने और कार्यसिद्धि की प्रतीक्षा करने का आह्वान किया। आचार्य ने कहा कि सुख, शांति और कल्याण के लिए जीव को भगवान की शरण ग्रहण करनी चाहिए। चक्रपाणि भगवान का आश्रय लेने से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्राप्त होती है। कथा में महिषासुर वध और गायत्री महिमा का भी वर्णन किया गया। ...