मुजफ्फर नगर, अगस्त 19 -- Muzaffarnagar News: जानसठ। कस्बे में शोहदा-ए-करबला की याद में 18 बनी हाशिम शबीहे ताबूत और काले ताजिए का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस दौरान शिया सोगवारों ने नम आंखों से इमाम हुसैन और उनके साथियों को पुरसा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मोहल्ला जुमा में आयोजित एक मजलिस से हुई। मजलिस के बाद जुलजनाह बरामद हुआ और मातमी जुलूस नोहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए मुख्य बाजार से होकर रंग महल पहुंचा। रंग महल में रात्रि में आयोजित मजलिस में दूरदराज से आए दर्जनों अंजुमनों ने नोहाख्वानी कर बारगाहे हुसैनी में नजराना-ए-अकीदत पेश किया।देश के विख्यात नोहाख्वान सैयद अमीर हसन आमिर ने अपने दर्द भरे नोहे पढ़े, जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। अपने कलाम के बीच उन्होंने वतन की मोहब्बत और हिंदुस्तान की अहमियत व कौमी यकजहती पर भी विशेष रूप ...