मुजफ्फर नगर, अक्टूबर 3 -- Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर, संवाददाता। नई मंडी रामलीला भवन में शताब्दी वर्ष पर आयोजित श्रीराम कथा में स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सनातन ही एकमात्र ऐसा विचार है जो 'वसुधैव कुटुंबकम' का मार्ग दिखाता है। ईश्वर एक है और उसके स्वरूप विभिन्न हैं, इसलिए पंथ व जाति के नाम पर भेद फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वाध्याय और साधना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रभु को पाने के लिए सात्विक आहार और चिंतन आवश्यक है, क्योंकि ईश्वर हमारे भीतर ही विराजमान है। विपरीत परिस्थितियों में मन का संतुलन बनाए रखना ही सबसे बड़ी तपस्या है। कथा के दौरान जेबी स्टील के योगेंद्र मित्तल, स्वास्तिक रबर के डायरेक्टर प्रवीण गोयल, कमेटी संरक्षक भीम सेन कंसल व अध्यक्ष संजय मित्तल सहित कई ग...