मुंगेर, जुलाई 2 -- Munger News: असरगंज, निज संवाददाता। असरगंज नगर पंचायत स्थित सुरजू राम ठाकुरवाड़ी परिसर में चल रहे 49 दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के 38 वें दिन बुधवार को कथावाचक डॉ. मंगलनाथ पाठक ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि, श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और भक्ति के बल पर छोटी उम्र में भी भगवान की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

ध्रुव की कथा कथावाचक ने बताया कि, महाराज उत्तानपाद की पहली रानी सुनीति के पुत्र ध्रुव तथा दूसरी रानी सुरुचि के पुत्र उत्तम थे। एक दिन ध्रुव अपने पिता की गोद में बैठे थे। तभी रानी सुरुचि वहां पहुंचीं और क्रोधित होकर ध्रुव को गोद से उतार दिया। उन्होंने ध्रुव से कहा कि, यदि राजा की गोद में बैठना है तो पहले भगवान से वरदान मांगकर अगले जन्म में मेरे पुत्र बनो। इस अ...