भोपाल, अप्रैल 9 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम पुरुष द्वारा पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 494 (बिगैमी) के तहत अपराध नहीं है। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें पहली पत्नी की शिकायत के आधार पर दर्ज केस को रद्द करने की मांग की गई थी।क्या बोले जज जस्टिस बीपी शर्मा ने 18 मार्च के आदेश में कहा कि संबंधित पक्ष मुस्लिम पर्सनल लॉ से संचालित होते हैं। जज ने कहा ये कानून पुरुष को एक से अधिक शादी की अनुमति देता है। ऐसे में केवल दूसरी शादी करना आईपीसी 494 के आवश्यक तत्वों को पूरा नहीं करता। कोर्ट ने साफ किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पहली शादी के रहते दूसरी शादी को सिर्फ इस आधार पर अवैध नहीं माना जा सकता। इसलिए इस मामले में धारा...
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