खरगोन, जनवरी 24 -- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में आदिवासी क्रांतिकारी तंट्या मामा की प्रतिमा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जहां इस प्रतिमा के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, वहीं ठेकेदार ने बहुत सस्ती फाइबर (FRP) की मूर्ति लगा दी। इस अनियमितता के आरोपों के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है।कौन थे तंट्या मामा? तंट्या भील, जिन्हें तंट्या मामा के नाम से जाना जाता है, 19वीं सदी के प्रसिद्ध आदिवासी योद्धा थे। ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करने वाले इस बहादुर को 'भारतीय रॉबिन हुड' भी कहा जाता है। आदिवासी समुदाय में उनकी बहुत इज्जत है। खरगोन के तंट्या मामा भील तिराहा (बिस्तान नाका चौराहा) पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी।कैसे शुरू हुआ विवाद? खरगोन नगर निकाय के बीजेपी पार्षदों ने अतिरिक्त कलेक्टर रेखा राठौर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप ल...
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