नई दिल्ली, जुलाई 13 -- लाल पत्थर से बनी 900 साल पुरानी देवी की मूर्ति...। 12वीं सदी की दुर्लभ मूर्ति को माता सरस्वती समझकर पूजा गया, वह मूर्ति गायत्री देवी की निकली। मामला मध्यप्रदेश के धार में स्टेट म्यूजियम का है। लंबे समय तक संग्राहलयों और शोध पत्रों तक मूर्ति को देवी सरस्वती का समझा गया, लेकिन गायब वीणा, थ्रीडी स्कैनिंग और डिजिटल तकनीक ने इस प्राचीन प्रतिमा की असली पहचान उजागर कर दी है। पुरातत्वविदों का कहना है कि गहन डिजिटल जांच और थ्री डी स्कैनिंग के बाद पता लगा है कि देवी की जिस प्रतिमा को अब तक देवी सरस्वती की समझा गया, वहवेदमाता गायत्री की है। यह भी पढ़ें- बाधा दूर करने के बहाने अश्लील हरकतें, पूर्व MP पर बहू ने लगाए काले जादू के आरोपधार में मिली थी देवी मां की दुर्लभ मूर्ति यह मूर्ति लाल बलुआ पत्थर से बनी है और यह मध्य प्रदेश के...