नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- सफलता की राह पर चलते समय कई बार छोटी-छोटी गलतियां हमें पीछे खींच लेती हैं। भगवद्गीता इन गलतियों को बहुत स्पष्ट रूप से पहचानती है और हमें सही मार्ग दिखाती है। गीता के ये पाँच श्लोक जीवन की उन कमजोरियों को उजागर करते हैं जो कामयाबी में सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती हैं। इन्हें समझकर और अपनाकर हम अपनी मंजिल को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।कर्म पर ध्यान दो, फल की चिंता मत करोश्लोक: कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 47) यह गीता का सबसे प्रसिद्ध श्लोक है। श्रीकृष्ण कहते हैं कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर कभी नहीं। फल की इच्छा रखकर काम करने वाले व्यक्ति कर्म में आसक्त हो जाते हैं और असफलता पर टूट जाते हैं। सफलता का मंत्र: कामयाबी चाहते हो तो फल...
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