मोतिहारी, जुलाई 13 -- Motihari News: मोतिहारी। सदर अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज से पहले उलझन में पड़ जाते हैं। वार्ड में घूमते शख्स को देखकर समझ ही नहीं आता कि ये डॉक्टर हैं, नर्स हैं, वार्ड बॉय हैं या बाहर से आए दलाल। कारण एक ही है,डॉक्टरों की वर्दी गायब। नियम कहता है ड्यूटी पर सफेद एप्रन, नेमप्लेट और आईडी जरूरी है। लेकिन हकीकत यह है कि कुछ डॉक्टर पाजामा-कुर्ता में, कोई जींस-शर्ट में और कोई बिना किसी पहचान के मरीजों के बीच घूम रहा है। सीएस तक कई बार बिना एप्रन के डॉक्टरों को पहचान नहीं पाते। अनिवार्य ड्रेस कोड ड्यूटी के समय हर डॉक्टर के लिए सफेद एप्रन , नेमप्लेट हो ताकि दूर से भी नाम और पद दिखे, सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था हो और सीएस व डीएम स्तर से औचक निरीक्षण होना चाहिए।

डॉक्टरों का पहचान संकट बताते हैं कि स्वास्थ्य विभा...