मोतिहारी, अगस्त 14 -- Motihari News: रामगढ़वा। कारगिल युद्ध के दौरान महज 19 वर्ष की उम्र में 28 दुश्मनों को मार गिराकर 29 मई 1999 को देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद अरविंद पांडेय की शहादत को ढाई दशक से अधिक बीत चुके हैं। इसके बावजूद उनके गांव में किए गए कई सरकारी वादे अब तक अधूरे हैं। रामगढ़वा प्रखंड की पटनी पंचायत के भटिया गांव निवासी शहीद अरविंद के परिजन व ग्रामीण आज भी घोषणाओं के पूरा होने की आस लगाए बैठे हैं। शहीद के पिता ईश्वरचंद्र पांडेय ने बताया कि अरविंद में बचपन से ही देश सेवा का जुनून था। वह कच्ची सड़कों पर दौड़ लगा सेना की तैयारी करते थे। बाद में बिहार रेजिमेंट की प्रथम बटालियन में शामिल हुए। दानापुर में ट्रेनिंग के बाद कारगिल युद्ध में भेजा गया। 29 मई 1999 को वीरगति को प्राप्त हुए। अरविंद अविवाहित थे। पिता को बेटे के ...