मुरादाबाद, सितम्बर 25 -- Moradabad News: जैन मंदिर लोहागढ़ में पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन ब्रह्मचर्य धर्म पर्व मनाया गया। इसका आरंभ शांतिधारा से किया गया। जैन धर्म के बारहवें तीर्थंकर भगवान बासु का मोक्ष कल्याणक भी मनाया गया। भगवान को प्रथम लाडू रुचि जैन परिवार ने समर्पित किया। इसके बाद समाज ने सामूहिक रूप से लाडू समर्पित किया। शास्त्री प्रासु जैन ने उत्तम ब्रह्मचर्य का महत्व समझाते हुए कहा ब्रह्मचर्य दो शब्दों से मिलकर बना है। ब्रह्म का अर्थ हैआत्मा औरा चर्या का अर्थ लीन होना या विचरण करना। अध्यक्ष राजीव जैन ने अभाव व्यक्त किया। अरविंद जैन, दीपक, नितिन, अखिलेश, नीरज, शुभम, अरिहंत, ममता जैन, गौरी, दीक्षा, पूनम जैन, शिवानी आदि शामिल रहे। यह भी पढ़ें- Kanpur News: पर्युषण पर्व: ब्रह्मचारी शरीर का नहीं, मन व कर्म से भी हो यह भी पढ़ें- Shamli ...