नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों को व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं। इन्हीं में से एक मूल नक्षत्र। मान्यता है कि जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही नक्षत्र व्यक्ति के स्वभाव, सोच, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन की घटनाओं पर गहरा प्रभाव डालता है। यही कारण है कि जन्म कुंडली का विश्लेषण करते समय नक्षत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। मूल नक्षत्र की बात करें, तो इस नक्षत्र को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं, जिनमें कुछ सकारात्मक हैं तो कुछ लोगों में भ्रम और डर भी पैदा करती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मूल नक्षत्र में जन्म लेना शुभ होता है या अशुभ, और इसका बच्चे के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा। चलिए जानते हैं कि मूल नक्षत्र में जन्में लोग कैसे होते हैं। ...
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