नई दिल्ली, जून 7 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी को बचाने के लिए ममता बनर्जी और उनके नेतृत्व में लगातार प्रयास जारी हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में भी विद्रोह की आशंका ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। टीएमसी ने संसद में अपने सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। पार्टी नेताओं ने रविवार को स्पष्ट किया कि दलबदल विरोधी कानून के कारण ऐसा प्रयास बेहद जटिल और व्यावहारिक रूप से लगभग असंभव है। लोकसभा में TMC के 28 सांसद हैं। किसी भी विद्रोही गुट को अलग होने के लिए कम से कम दो-तिहाई यानी 19 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि इतनी संख्या जुट जाने के बावजूद बागी सांसद स्वतंत्र संसदी...