मिर्जापुर, जुलाई 12 -- Mirzapur News: लालगंज, हिन्दुस्तान संवाद। विकासखंड की छह साधन सहकारी समितियों से सम्बद्ध लगभग दो हजार किसानों को डीएपी और यूरिया खाद वितरण के दौरान दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि वर्ष 2025 में चलाए गए एम-पैक्स सदस्यता अभियान के तहत सदस्य बनाए जाने के समय सभी आवश्यक अभिलेख जमा कराए गए थे। इसके बावजूद खाद वितरण के समय दोबारा फार्मर रजिस्ट्री और खतौनी मांगी जा रही है। जिन किसानों के पास खतौनी नहीं है उन्हें उर्वरक नहीं दिया जा रहा है। इससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है。

किसानों की शिकायतें किसानों के अनुसार एम-पैक्स सदस्यता अभियान के दौरान प्रति किसान 226 रुपये सदस्यता शुल्क जमा कराया गया था। इसके साथ आधार कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री और खतौनी के आधार पर पासबुक जारी ...