मिर्जापुर, अक्टूबर 3 -- Mirzapur News: पड़री, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के जद्दूपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित विष्णुधर द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने पूतना मोक्ष, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा और चीर हरण प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।

पूतना मोक्ष और अविद्या कथा व्यास ने पूतना मोक्ष प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गोकुल में नंदोत्सव के दौरान पूतना अपना रूप बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को उठाने पहुंची, लेकिन उसे यह ज्ञात नहीं था कि जिनका वह अहित करने आई है, वही उसके उद्धार का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि पूतना अविद्या का प्रतीक है। जब तक मनुष्य के जीवन में अविद्या रहती है, तब तक उसे वास्तविक शांति नहीं मिल सकती। इसलिए मनुष्य को अज्ञान और अविद्य...