मेरठ, अक्टूबर 28 -- Meerut News: मेरठ। फूलबाग कालोनी जैन अतिथि भवन में सकल जैन समाज के आचार्य सौरभ सागर महाराज के प्रवचन हुए। आदिनाथ भगवान की प्रतिमा को पालकी द्वारा मंदिर से लाकर पांडुकशिला पर विराजमान किया गया। शांतिधारा के बाद आचार्य श्री के सानिध्य में भक्तामर विधान संपन्न हुआ। आचार्य श्री ने भक्तामर स्तोत्र की रचना, उसके अतिशय और महिमा पर प्रकाश डाला। सौरभ सागर महाराज ने कहा कि जैन कुल में जन्म लेना पूर्व जन्म के पुण्य का प्रताप है। जैन धर्म की मर्यादाओं का पालन करने और नियमित देव दर्शन करने का आह्वान किया। कहा कि दीपक जलाने से बाहरी अंधकार दूर होता है, लेकिन मन की कालिमा मिटाने के लिए श्रद्धा और आत्मचिंतन आवश्यक है। भगवान और संतों के चरणों में समर्पण करने से जीवन में पुण्य का संचार होता है। अतुल जैन ने जीवन आशा हॉस्पिटल, मुरादनगर की...