मेरठ, जुलाई 30 -- Meerut News: मेरठ। बदलते समय में विधि छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि मौलिक शोध और स्वतंत्र चिंतन की कला भी विकसित करनी होगी। ऐसा करने से ही छात्रों को अपने कॅरियर में नई पहचान मिलेगी और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। मेरठ कॉलेज के विधि विभाग में गुरुवार को लघु शोध प्रबंध एवं शोध प्रविधि विषय पर शुरू हुई पांच दिवसीय कौशल विकास वर्कशॉप में संयोजक प्रो.एचएस राय ने यह बात कही। प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। लघु शोध प्रबंध केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि समाज की समस्याओं का विधिक समाधान खोजने की विशेष प्रक्रिया है। विद्यार्थियों को मौलिक सोच, विधिक नैतिकता और परिणामोन्मुखी लेखन ...