मेरठ, जुलाई 6 -- Meerut News: मेरठ। आर्यसमाज सूरजकुंड का वार्षिकोत्सव का रविवार को वैदिक यज्ञ के साथ समापन हुआ। आचार्य अनुज शास्त्री ने देश की आजादी में आर्यसमाज का योगदान पर कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था। बल्कि वैचारिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण का भी महान आंदोलन था। जिसकी मजबूत आधारशिला महर्षि दयानन्द सरस्वती और आर्यसमाज ने रखी। कहा कि महर्षि दयानन्द के स्वराज्य और वेदों की ओर लौटो के संदेश ने देशभर में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। इसी प्रेरणा से स्वामी श्रद्धानन्द ने शिक्षा, शुद्धि और राष्ट्ररक्षा का कार्य किया, पंडित लेखराम ने वैदिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया और गुरुदत्त विद्यार्थी ने युवाओं में राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना जागृत की। यह भी पढ़ें- आर्य ही भारत के मूल निवासी...