हेमलता कौशिक, जुलाई 13 -- दिल्ली हाई कोर्ट कहा कि पासपोर्ट से जुड़ा कोई विवाद सिर्फ इसलिए उसके सामने नहीं लाया जा सकता, क्योंकि विदेश मंत्रालय (एमईए) राजधानी में स्थित है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र इस बात पर निर्भर करता है कि क्या विवाद का कोई हिस्सा कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में उत्पन्न हुआ।याचिका में क्या की गई थी मांग? इस तरह पीठ ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में पासपोर्ट में जन्म तिथि को ठीक करने की मांग की गई थी। पीठ ने पाया कि विवाद से जुड़े सभी तथ्य उत्तर प्रदेश में उत्पन्न हुए, न कि दिल्ली में।अदालत ने खारिज की अर्जी याचिकाकर्ता ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) गाजियाबाद द्वारा 4 अगस्त, 2025 को जारी उस सूचना को चुनौती दी थी, जिसमें पासपो...