नई दिल्ली, जुलाई 13 -- क्या आप भी रोज दिल्ली की सीमाओं पर घंटों रेंगते हैं? दफ्तर के लिए लेट होते हैं या स्कूल-कॉलेज पहुंचने में देरी होती है? आपका यह कीमती वक्त ट्रैफिक जाम से ज्यादा निगम की आधी-अधूरी और सुस्त तकनीक की वजह से बर्बाद हो रहा है। डिजिटल इंडिया के दौर में आज भी दिल्ली की सीमाओं पर मैनुअल तरीके से टोल वसूला जा रहा है, जो लाखों लोगों के लिए सिरदर्द बन चुका है। पेश है 'हिन्दुस्तान' की इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में दिल्ली के टोल नाकों की पहली कड़ी:गाजीपुर बॉर्डर : ऐप पर निर्भरता और कैमरे फेल होने से थम जाता है ट्रैफिक एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यूपी गेट तक वाहनों की लंबी कतार रही और गाड़ियां रेंगती नजर आईं। यहां फल-सब्जी की गाड़ियों, बसों और कैब जैसे कमर्शियल वाहनों को टोल देने के लिए अनिवार्य रूप से रुकना पड़ता है। वजह आ...