नई दिल्ली, जून 5 -- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि देश के 756 मेडिकल कॉलेजों में से सात कॉलेज इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को उनका स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं। आयोग ने इन संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएमसी की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ को बताया कि 756 स्नातक मेडिकल कॉलेजों में से 573 कॉलेजों में स्टाइपेंड के भुगतान को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि 176 मेडिकल कॉलेज हाल ही में स्थापित किए गए हैं। पीठ ने इस मामले को लेकर कहा, ''एनएमसी की ओर से बताया गया कि सात मेडिकल कॉलेज मानदेय नहीं दे रहे हैं। आयोग ने इन संस्थानों पर जुर्माना लगाने के उद्देश्य से कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और उनके जवाब मिलने क...