भोपाल, अगस्त 21 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डोमिसाइल विवाद के चलते 13 साल से एमबीबीएस की डिग्री से वंचित एक महिला के लिए मेडिकल फील्ड में आगे बढ़ने का रास्ता साफ कर दिया है। अब वह एमबीबीएस की डिग्री पाकर डॉक्टरी कर सकेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने बुधवार को विशेष मामले के तौर पर याचिका का निपटारा करते हुए शैलजा पांडे का दाखिला रद्द करने संबंधी 13 जून 2013 का आदेश निरस्त कर दिया। अदालत ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर को उनकी मार्कशीट और एमबीबीएस डिग्री जारी करने का निर्देश दिया।दाखिले के समय ही करनी चाहिए थी कार्रवाई अदालत ने कहा कि पांडे ने मध्यप्रदेश में अपने निवास से जुड़े सभी तथ्यों का सही खुलासा किया था। इस संबंध में कार्रवाई दाखिले के समय की जा सकती थी, पढ़ाई पूरी होने के...