नई दिल्ली, जून 18 -- गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उस महिला डॉक्टर को बड़ी राहत दी है जिसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा में नकल के आरोप के चलते मेडिकल कॉलेज ने 14 सालों से एमबीबीएस की ऑरिजनल डिग्री नहीं दी है। इस महिला डॉक्टर ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद नियमानुसार इंटर्नशिप पूरी की और फिर डॉक्टरी करने के लिए उसे मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन भी मिल गया। लेकिन मेडिकल एंटेंस में नकल के केस में फंसे होने के चलते उसे आज तक मेडिकल कॉलेज ने उसकी ऑरिजनल डिग्री नहीं सौंपी। डॉक्टर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि किसी मेडिकल ग्रेजुएट का ऑरिजिनल एमबीबीएस पास सर्टिफिकेट सिर्फ इसलिए अनिश्चित काल के लिए नहीं रोका जा सकता क्योंकि उसके एडमिशन से जुड़ा क्रिमिनल केस अभी भी लंबित है और उसे दोषी नहीं ठहराया गया है।2012 में इंटर्नशिप के साथ एमबीबीए...