विमल पुर्वाल, दिसम्बर 4 -- उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में पांच साल सेवा के बाद एमबीबीएस डॉक्टरों को विशेषज्ञ का दर्ज मिलेगा। उत्तराखंड सरकार विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए नॉन पीजी स्पेशलिस्ट का कैडर तैयार करने जा रही है। कई सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के करीब 50 फीसदी पद खाली हैं। इन पदों को भरने के तमाम प्रयासों के बाद भी अगले कुछ साल तक विशेषज्ञ डॉक्टर मिलने मुश्किल हो रहे हैं। ऐसे में सरकार मेडिकल अफसरों को विशेषज्ञ के तौर पर तैयार करने की योजना बना रही है। एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ की जाएगी और पांच साल अनुभव के बाद उन्हें भी विशेषज्ञ के तौर पर तैनात किया जाएगा। हालांकि सरकार अनुभव के आधार पर यह दर्जा देगी। उनके बोर्ड पर नॉन पीजी स्पेशलिस्ट लिखा होगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया, अनुभ...
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