नई दिल्ली, जुलाई 16 -- देश में मेडिकल शिक्षा की देखरेख करने वाली संस्था एनएमसी यानी नेशनल मेडिकल कमिशन के नियम के मुताबिक एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अपना फर्स्ट ईयर दाखिले के चार साल के भीतर पास करना होता है। लेकिन अगर किसी विद्यार्थी को कुछ उचित वजहों से फर्स्ट ईयर के दौरान पढ़ाई से लंबा ब्रेक लेना पढ़ जाए तो क्या होगा। इस संबंध में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाली ही में एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी छात्र ने पैसों की तंगी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या या अन्य वास्तविक और मजबूरी वाले कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ी है तो उस अवधि को एमबीबीएस फर्स्ट ईयर प्रोफेशनल परीक्षा पास करने की 4 साल की सीमा में नहीं जोड़ा जा सकता। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा कि वाजिब कारणों से अगर कोई छात्र ब्रेक लेता है कि ...