मऊ, अक्टूबर 25 -- Mau News: मधुबन, हिन्दुस्तान संवाद। तालरतोय ताल में भरा बाढ़ का पानी किसानों के लिए आफत बन गया है। पानी निकासी धीमी होने से हजारों एकड़ खेत जलमग्न हैं और रबी की बुआई लटक गई है। फसल प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तालरतोय में जमा पानी के निकासी की मांग की है। सितंबर-अक्तूबर में नेपाल से छोड़े गए पानी से घाघरा उफान पर आई, जिससे ताल लबालब भर गया। इससे रामऊपुर, बिग्रहपुर, शिवराजपुर, भंवरपुर, बैरियाडीह, लखनौर, खीरीकोठा, ढिलई फिरोजपुर, नेवादा गोपालापुर समेत दर्जनों गांवों के खेत डूबे हैं। किसानों का कहना है कि एक दशक से बाढ़ से खरीफ की फसल बर्बाद हो रही है। इस बार रबी से भरपाई की उम्मीद थी, लेकिन बुआई पिछड़ने से गेहूं उत्पादन घटने का डर है। किसानों ने...